जहानाबाद, पवन कुमार, 24 जनवरी 2025: जहानाबाद जिले में नीलगायों के आतंक ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। रवि की फसल को नीलगायों के झुंड बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने फसलों की सुरक्षा के लिए बुत बनाकर रखवाली करने के प्रयास शुरू किए हैं, लेकिन इसके बावजूद नीलगायों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा।
कई गांवों में बढ़ा नीलगाय का प्रकोप
जिले के पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों के सैकड़ों गांव इस समस्या से जूझ रहे हैं। सिकरिया, मोकर गोनवा, शर्मा, सिसरा, बिरुपुर और रामपुर जैसे गांवों में नीलगायों ने आतंक मचाया हुआ है। किसान चंनदीप प्रसाद ने बताया, “नीलगायों के झुंड हमारी फसलों को चर जाते हैं और खेतों को रौंद देते हैं। इससे हमें भारी नुकसान हो रहा है।”
किसान उमाशंकर ने कहा कि कई बार नीलगाय एक साथ दो बीघे की फसल बर्बाद कर देती हैं। इससे किसानों की पूंजी डूब जाती है और वे विवश हो जाते हैं।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से कई बार इस समस्या की शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि किसानों से अब तक किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “अगर कोई शिकायत दर्ज होती है, तो प्रशासन इस पर ठोस कदम उठाएगा। मुखिया और वन विभाग के समन्वय से समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।”
नीलगायों से किसानों का भविष्य खतरे में
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि नीलगायों के आतंक को रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए, तो वे खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। फसल बर्बादी से किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
आवश्यक कदम
- वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मिलकर नीलगायों पर नियंत्रण के उपाय करने होंगे।
- किसानों को मुआवजा देने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
- खेतों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपायों का प्रावधान किया जाना चाहिए।
किसानों को उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन इस समस्या का समाधान शीघ्र करेंगे, ताकि उनकी मेहनत और पूंजी दोनों सुरक्षित रह सकें।